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इतिहास

ज़िले के बारे में

दिल्ली को ग्यारह राजस्व ज़िलों में बाँटा गया है। हर ज़िले का मुखिया एक ज़िला मजिस्ट्रेट होता है, जिसके अधीन एक अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, तहसीलदार और उप-रजिस्ट्रार होते हैं। ज़िला प्रशासन कई तरह के काम करता है, जिनमें मजिस्ट्रेट से जुड़े मामले, राजस्व अदालतें, अलग-अलग कानूनी दस्तावेज़ जारी करना, संपत्ति का पंजीकरण, चुनाव करवाना, राहत और पुनर्वास, ज़मीन अधिग्रहण और कई दूसरे ऐसे क्षेत्र शामिल हैं जिनकी गिनती करना मुश्किल है। दिल्ली में ज़िला प्रशासन सभी तरह की सरकारी नीतियों को लागू करने वाला असल विभाग है और सरकार के कई दूसरे अधिकारियों पर निगरानी रखने की शक्तियाँ रखता है। राजस्व व्यवस्था के सबसे ऊपर मंडल आयुक्त होता है, जो दिल्ली का ज़िला मजिस्ट्रेट और पंजीकरण महानिरीक्षक भी होता है। उसे अलग-अलग राजस्व कानूनों के तहत सचिव (राजस्व) और कलेक्टर भी कहा जाता है।