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कलेक्ट्रेट

जिले का प्रशासन जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) द्वारा संचालित किया जाता है, जिनके बाद अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) द्वितीय प्रभारी के रूप में कार्य करते हैं। जिला 3 उप-मंडलों में विभाजित है तथा प्रत्येक उप-मंडल का प्रमुख एक उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) होता है। प्रत्येक उप-मंडल में विभिन्न कार्यों के लिए राजस्व एवं लिपिकीय कर्मचारी नियुक्त होते हैं। राजस्व संबंधी कार्यों के लिए प्रत्येक उप-मंडल में क्रमशः तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो एवं पटवारी नियुक्त होते हैं। अन्य कार्यों के लिए लिपिकीय स्टाफ उपलब्ध रहता है।

तीन उप-मंडल निम्नलिखित हैं:

    • बुराड़ी
    • बादली
    • आदर्श नगर

जिला मजिस्ट्रेट (उत्तर) को निर्वाचन संबंधी कार्यों के निष्पादन हेतु संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी (उत्तर) के रूप में भी नामित किया गया है। इस कार्य में उनकी सहायता सभी एसडीएम तथा एसडीएम (निर्वाचन) द्वारा की जाती है। दस्तावेजों के पंजीकरण संबंधी कार्यों के लिए उप-पंजीयक (उत्तर) का कार्यालय कार्यरत है, जो सीधे जिला मजिस्ट्रेट के नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में कार्य करता है।

ब्लॉक विकास अधिकारी (उत्तर) का कार्यालय भी जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय का एक भाग है। यह कार्यालय ब्लॉक विकास अधिकारी के नेतृत्व में कार्य करता है तथा ग्राम सभा भूमि की अभिरक्षा, कृषि, बागवानी एवं ग्रामीण विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उत्तरदायी है। जिले में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) का एक केंद्र भी स्थित है, जो जिले में कंप्यूटरीकरण को बढ़ावा देता है तथा इंटरनेट के माध्यम से जिले को विश्व से जोड़ता है।

जिला मजिस्ट्रेट (उत्तर) का कार्यालय जनता को विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करता है, जैसे:

    • भूमि स्वामित्व संबंधी सेवाएं
    • प्रमाण पत्र जारी करना
    • विवाह पंजीकरण
    • दस्तावेजों का पंजीकरण
    • राहत एवं पुनर्वास
    • स्वरोजगार हेतु ऋण
    • दस्तावेजों पर स्टाम्प लगाना
    • खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के अंतर्गत स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (LHA) के कार्य
    • दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के अंतर्गत मजिस्ट्रेटीय कार्य
    • भूमि अधिग्रहण
    • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत नियामक कार्य

विभिन्न अधिनियमों, नियमों एवं नियंत्रण आदेशों के अंतर्गत अन्य विविध कार्य भी किए जाते हैं।